जैन इरिगेशनद्वारा अमेरिका की दो सिंचाईप्रणित कंपनियों का अधिग्रहण

मुंबई, 20 अप्रैल (प्रतिनिधी):- जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड ने अपने अमेरिकास्थित (युएसए) उपकंपनी के माध्यम से दो बड़ी सिंचाई प्रणित कंपनियों का 80 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद कर अधिग्रहण किया है। अमेरिकास्थित एग्री व्हॅली इरिगेशन (एव्हीआय) और इरिगेशन डिझाईन एण्ड कन्स्ट्रक्शन (आयडीसी) इन सूक्ष्मसिंचाई क्षेत्र की सबसे बड़ी वितरक कंपनी के रूप में जानी जाती है। इन दोनों कंपनियों में किये हुए निवेश के पश्चात एक स्वतंत्र नयी वितरण कंपनी जैन इरिगेशन स्थापित करेगी। इसके द्वारा अमेरिका के किसानों को जैन इरिगेशन की अत्याधुनिक उच्च कृषि तकनीकी की सहाय्यता से अधिक नाविन्यपूर्ण ऐसे उच्चकृषि तकनीक, उसका आरेखन, सेवा एवं गठन किया जाएगा और उसके द्वारा किसान मोअर क्रॉप पर ड्रॉप की अनुभूति ले सकते है।  या करार की मुख्य विशेषताएँ कॅलिफोर्नियास्थित सबसे बड़ी इन दो वितरक कंपनियों के एकत्रिकरणद्वारा 13 जगहों पर जो उनकी वितरण व्यवस्था 225 से अधिक सहकारियों के माध्यम से वहां पर जैन इरिगेशन का वितरण होगा सशक्त। जैन इरिगेशन की अमेरिकास्थित उपकंपनीसहित अब यह विलीनीकरण की गई नयी कंपनी के साथ अमेरिका की सबसे बड़ी सिंचाई कंपनी के रूप में जानी जाएगी। ●● अधिग्रहीत की हुई दोनों कंपनियों का दिसंबर २०१६ में एकत्रित व्यवसाय ११३ मिलीयन डॉलर्स अर्थात भारतीय मूल्य में – 735 करोड़ रुपयों का रहा। जैन इरिगेशन के अन्य उत्पादन शृंखलासहीत आब्झरव्हंट, प्युअरसेन्स, गाविश आदि अग्रभागी उत्पादनों को भी मिलेगा बढावा।  अधिग्रहीत कंपनियों के सहकारियोंद्वारा भविष्य के व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा।       वैश्विक सिंचाई के बाज़ार की जैन इरिगेशन की यह एक धोरणात्मक सबसे बड़ा निवेश साबित हुआ है। जैन इरिगेशन इन कार्पोरेटेड-अमेरिका की इस कंपनी के द्वारा इससे पहले जैन इरिगेशन ने अपना भक्कम अस्तित्व वहां निर्माण किया है। कॅलिफोर्निया स्थित फ्रेस्नो में मुख्यालय से वहां का कामकाज किया जाता है। कॅलिफोर्निया में हाल ही में हुई बारिश के कारण अकालस्थिती कम हुई है। इसकारण जैन इरिगेशन नयी विलिनीकरण हुई कंपनीद्वारा सिंचाई व्यवसाय के बड़े बाजारों में आगामी 18 से 24 महिनों में कब्जा करेगी।       इस विलिनीकरण के कारण जैन इरिगेशन को आपूर्ति श्रृंखला एकत्रित करने में मदद होगी तथा किसानों के साथ प्रत्यक्ष संबंध प्रस्थापित कर सकेगी। इस कंपनी के एकात्मिक प्रकल्प साकार करने के अद्वितीय कौशल्य के कारण कंपनी को टर्न की प्रोजेक्ट के नियोजन से लेकर गठन करने तक का सहभाग बढाया जा सकता है। इस विलिनीकरण को किसी भी सरकारी या संस्थाओं की मान्यता आवश्यक नही है। यह व्यवहार आगामी सप्ताह में पूर्ण होगा।


“जैन इरिगेशन के संस्थापक भवरलालजी जैन ने भारतीय किसानों के साथ-साथ समुचे विश्व के कृषि एवं किसानों के उज्ज्वल भविष्यसंबंधी दूरदृष्टी रखी थी। वर्ष 1985 में उन्होंने अमेरिका के फ्रेस्नो शहर में कृषि प्रदर्शनी के अवसर पर पहली बार कदम रखा था। उसके बाद वर्ष 1986 में जैन इरिगेशन ने प्रकल्प शुरु किया। उस समय यह भारतीय कंपनी क्या कर पाएगी ऐसा प्रश्न उपस्थित कर सभी ने भवरलालजी के इस प्रयास को सराहा नही था। सेवाShri Ashok Jain, गुणवत्ता और उच्च तकनीक के ज़ोर पर आज अमेरिका में जैन इरिगेशन क्रमांक 1 पर पहुँची है। उन्होंने साध्य की हुई विश्वस्तर की भक्कम नींव पर अब जैन इरिगेशन को अमेरिका की दो महत्त्वपूर्ण कंपनियों का अधिग्रहण करना संभव हुआ है। कृषि क्षेत्र के प्रती यह प्रतिबद्धता हम और भी दृढ कर पाए है इसका निश्चितरूप से आनंद है। इस अधिग्रहण के कारण विश्वस्तर पर अग्रभागी जैन इरिगेशन की उच्च कृषि तकनीक अधिक भक्कम हुई है।   –अशोक जैन, अध्यक्ष, जैन इरिगेशन सि. लि.


       “इस धोरणात्मक निवेश एवं सहभागद्वारा हमारे उद्योग क्षेत्र को एक अलग दिशा देना संभव हो पाया इसकी हमें बेहद खुशी है। इस अधिग्रहण से जैन इरिगेशन कंपनी को कृषिकेंद्रीत आरेखन और कुल मिलाकर क्षमता में वृद्धी करने के लिए भी बड़ी मात्रा में बढावा मिलेगा। इसी के साथ-साथ खेती सिंचाई तकनीक किसानों को अधिक विस्तृत और अद्ययावत स्वरूप दिया जा सकता है। विलिनीकरण के लिए सहकार्य लाभान्वित हुआ इसलिए श्री. लॅरी रॉमपल, श्री. मायकेल कॉनरॅड, उनका परिवार एवं सहकारी के प्रति हम कृतज्ञता व्यक्त कर उनका अभिनंदन करते हैं।-अनिल जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा व्यवस्थापकीय संचालक, जैन इरिगेशन सि. लि.         “मेरा परिवार तथा सहकारियों ने विगत ३४ वर्ष में ऍग्री व्हॅली को साकार किया। इसके पश्चात अब जैन इरिगेशन के साथ साझेदारी के लिए हम उत्सुक थे। इस विलिनीकरण के पश्चात हम नयी ताकद के साथ अपने कृषि क्षेत्र के ग्राहकों को सर्वोत्तम सिंचाई प्रणाली और सेवा सुविधा उपलब्ध करवाएँगे। -लॅरी रॉमपोल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एग्री व्हॅली इरिगेशन “इन तीन कंपनियों को मिलाकर जो व्यापकता निर्माण हुई है उसके द्वारा किसानों को अतिउच्चस्तर की सेवा एवं सुविधा की आपूर्ति की जा सकती है। यह विलिनीकरण अर्थात एग्री व्हॅली इरिगेशन एवं जैन इरिगेशन के तत्व का विलिनीकरण है और ग्राहकों को जो योग्य है वहीं तकनीक हम विकसित कर उन तक पहुँचाएँगे। सिंचाई क्षेत्र के विकास के लिए हम एकत्रितरूप से अब प्रयासरत रहेंगे।”

श्री. मायकेल कॉनरॅड, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- इरिगेशन डिझाईन ऍन्ड कन्स्ट्रक्शन

 

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जैन इरिगेशनद्वारा अमेरिकेतील दोन सिंचनप्रणित कंपन्यांचे अधिग्रहण

मुंबई, १९ एप्रिल (प्रतिनिधी):- जैन इरिगेशन सिस्टीम्स लिमिटेडने त्यांच्या अमेरिकेतील (युएसए) उपकंपनीच्या माध्यमातून दोन मोठ्या सिंचनप्रणित कंपन्यांचे ८० टक्के भागभांडवल खरेदी करून अधिग्रहण केले आहे. अमेरिकेतील ऍग्री व्हॅली इरिगेशन (एव्हीआय) आणि इरिगेशन डिझाईन एण्ड कन्स्ट्रक्शन (आयडीसी) या सूक्ष्मसिंचन क्षेत्रातील  सर्वात मोठ्या वितरक कंपन्या म्हणून ओळखल्या जातात. या दोन्ही कंपन्यांमध्ये केलेल्या गुंतवणुकीनंतर एक स्वतंत्र नवीन वितरण कंपनी जैन इऱिगेशन स्थापन करणार आहे. याद्वारे अमेरिकेतील शेतकऱ्यांना जैन इरिगेशनच्या अत्याधुनिक उच्चकृषी तंत्रज्ञानाच्या साहाय्याने अधिक नावीन्यपूर्ण असे उच्चकृषी तंत्रज्ञान, त्याचे आरेखन, सेवा व उभारणी दिली जाईल व यातून त्यांना मोअर क्रॉप पर ड्रॉप ची अनुभूती घेता येईल.   Continue reading “जैन इरिगेशनद्वारा अमेरिकेतील दोन सिंचनप्रणित कंपन्यांचे अधिग्रहण”

जैन इरिगेशनचा कामगार कल्याणाबाबत पारितोषिक वरिष्ठ अधिकारी सी.एस नाईक यांनी स्वीकारला गौरव

नाशिक विभागातील औद्योगिक क्षेत्रात कामगारांसाठी सर्वाधिक नवीनतम कल्याणकारी योजना राबविल्याबद्दल जैन इरिगेशनचा व्दितिय पुरस्कार देऊन गौरव करण्यात आला. औद्योगिक सुरक्षा व आरोग्य विभागातर्फे महाराष्ट्रात पहिल्यांदाच या पुरस्कारासाठी कंपन्यांमध्ये स्पर्धा घेण्यात आल्या. एक हजारहून जास्त कर्मचारी असलेल्या मोठ्या कंपन्यांच्या गटातून मिळालेले हे पारितोषिक कंपनीचे वरिष्ठ अधिकारी सी.एस. नाईक यांनी औद्योगिक सुरक्षा व आरोग्य संचालनालयाचे सह संचालक एम. एस. प्रभावळे व औद्योगिक सुरक्षा व आरोग्य संचालनालयाचे सहाय्यकसंचालक सौ. आढे  यांच्याहस्ते स्वीकारले. हा कार्यक्रम नाशिक (अंबड) सहानी इंडस्ट्रीजच्या प्रांगणात 31 मार्च रोजी पार पडला. Continue reading “जैन इरिगेशनचा कामगार कल्याणाबाबत पारितोषिक वरिष्ठ अधिकारी सी.एस नाईक यांनी स्वीकारला गौरव”

कांतिलाल हिरालाल जैन अनंतात विलीन

येथील ज्येष्ठ उद्योजक कांतिलालजी हिरालालजी जैन यांच्या पार्थिवावर जैन हिल्स येथे साश्रुनयनांनी सकाळी अंत्यसंस्कार केले गेले. त्यांचे पुत्र अभय आणि अविनाश, नातू आर्यम तसेच पुतणे अशोकभाऊ, अनिल, अजित, अतुल व अथांग यांनी अग्निडाग दिला. मा. आ. सुरेशदादा जैन, अरुणभाई गुजराथी, कविवर्य ना. धों. महानोर, मा. आ. गुरुमुख जगवानी, जिल्हाधिकारी किशोर राजे निंबाळकर, पोलीस अधीक्षक डॉ. जालिंदर सुपेकर, रतनलालजी बाफना, कस्तुरचंद बाफना, उद्योजक रजनिकांत कोठारी, रवींद्र भैय्या पाटील आदी मान्यवर उपस्थित होते. त्यांच्या अंत्यसंस्कारास विविध समाजाच्या सर्व क्षेत्रातील मान्यवर मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

कांतिलालजींना फुफ्फुसात जंतू संसर्ग, लिव्हरचा आजारावर उपचार करण्यासाठी मुंबईच्या ग्लोबल हॉस्पीटलमध्ये इलाजासाठी दाखल करण्यात आले होते. 4 एप्रील रोजी उपचारादरम्यान 74 व्या वर्षी दुःखद निधन झाले होते.  जैन ब्रदर्सच्या सुरूवातीपासूनच्या वाटचालीत त्यांचा अत्यंत मोलाचा सहभाग होता. ते जैन उद्योग समूहाच्या संस्थापक सदस्यांपैकी एक होते.

सकाळी 8 वाजता कांतिलालजी जैन यांच्या निवासस्थानापासून अंत्ययात्रा सुरू झाली. जैन हिल्स येथे त्यांच्यावर विधीवत संस्कार करण्यात आले. सेवादास दलुभाऊ जैन यांनी मांगलीक म्हटली तसेच स्व. कांतिलालजी जैन यांच्या स्मृतिंना उजाळा दिला. त्यात ते म्हणाले की, पुतण्या कांतिलाल यांनी आपल्या नावापुढे चोरडीया हे आडनाव लावणारा परिवारातील सदस्य होता. हसतमुख व अत्यंत दिलदार स्वभाव त्यांचा होता.

आपले ज्येष्ठ बंधू पद्मश्री भवरलालजी जैन यांच्या निधनानंतर 13 महिन्यात लहानभाऊ कांतिलालजी जैन यांची जीवनयात्रा पूर्ण झाली. परमेश्वर जैन परिवारास त्यांच्या वियोगाचे दुःख सहन करण्याची शक्ती प्रदान करण्याबाबत परमेश्वराकडे प्रार्थना करू या असे ज्येष्ठ समाजसेवी तथा शाकाहार सदाचार परिषदेचे प्रणेते रतनलालजी बाफना यांनी उपस्थितांसमोर श्रद्धांजलीपर मनोगत व्यक्त केले. जलसंपदामंत्री गिरीश महाजन यांनी काल अभय जैन, अशोक जैन व जैन परिवारातील सदस्यांची निवासस्थानी सांत्वनपर भेट दिली.  (जळगाव 5 एप्रील 2017)